White Potato Vs Red Potato: हमारे भारतीय घरों में आलू को तो सब्जियों का राजा कहा जाता है, चाहे दिल्ली की आलू चाट हो, मुंबई का वड़ा पाव या पंजाब का आलू परांठा, आलू के बिना खाना फीका सा लगता है। लेकिन बाजार में दो तरह के आलू मिलते हैं, एक सफेद वाला और दूसरा लाल छिलके वाला। अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा खाना ज्यादा सही होता है? आज हम आपको बताते हैं इन दोनों में क्या-क्या अंतर है, और कौन सा सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद।
दिखने में कितना अलग हैं ये दोनों?
सबसे पहले तो आंखों से ही फर्क पता चलता है। लाल आलू छोटे-मोटे गोलाकार होते हैं, बाहर से पतला लाल छिलका और अंदर सफेद, चिकना सा। ये देखने में काफी क्यूट लगते हैं, उदाहरण के तौर पर Pontiac या Chieftain जैसी वैरायटी। वहीं सफेद आलू थोड़े बड़े, गोल या अंडाकार। छिलका सफेद से हल्का पीला और अंदर का हिस्सा भी वैसा ही। Kennebec या White Rose जैसे नाम सुने होंगे? देसी बाजार में लाल वाले को लाल देशी आलू कहकर बेचते हैं.

पकाने पर क्या होता है? स्वाद और बनावट का राज
अब बात करते हैं पकाने की। लाल आलू में स्टार्च कम होता है, इसलिए ये मोमी और मजबूत रहते हैं। उबालो, भूनो या स्टीम करो, ये अपना शेप नहीं खोते, उसी शेप में रहते है। स्वाद में हल्की मिठास होता है , जैसे घर की चटपटी चाट में डालने के लिए परफेक्ट। अगर आप सलाद बना रहे हो, सूप में डाल रहे हो या स्टू – तो आप लाल आलू ही चुनो,क्योकि ये क्रीमी और सख्त रहेंगे। और खाने में भी स्वादिष्ट होते है।
वही दूसरी तरफ सफेद आलू, इसमें स्टार्च ज्यादा होता है, तो पकाने पर मुलायम और फ्लफी हो जाते हैं। जैसे आलू गोभी की सब्जी में डालो, तो वो अच्छे से मिक्स हो जाता है। मैश करके परांठा स्टफ करो या फ्रेंच फ्राइज बनाओ, क्रिस्पी और मजेदार बनता है। अगर आप, जीरा आलू या दम आलू बना रहे है तो सफेद वाला आलू ठीक होता है।
किचन में कैसे इस्तेमाल करें? प्रैक्टिकल टिप्स
हमारे घरों में आलू का इस्तेमाल तो अनगिनत तरीकों से होता है। लाल आलू उन डिशेज के लिए बेस्ट जहां शेप बनाए रखना हो – जैसे बॉम्बे स्टाइल आलू की सूखी सब्जी, आलू की चाट, ग्रिल्ड सलाद या वेज स्टू। ग्रिलिंग या फ्राइंग में ये क्रिस्पी बनते हैं, और छिलके सहित खाने पर एक्स्ट्रा फ्लेवर भी मिलता है।
सफेद आलू ज्यादा वर्सेटाइल होता है। आप बेकिंग करो, बॉइल करो, फ्राई करो या मैश, सबमें आसानी से फिट हो जाता है। घर में आलू की भुजिया, मसाला आलू या परांठे के लिए ये टॉप चॉइस होता है। अगर आप नॉर्थ इंडियन स्टाइल कुकिंग करते हो, तो सफेद वाला सही रहता है।

पोषण का हिसाब: कौन ज्यादा हेल्दी?
अब आते हैं सेहत की बात पर। दोनों आलू पोटैशियम और विटामिन C से लबालब होता हैं, जो दिल की धड़कन सही रखते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। आइये डिटेल में देखते है।
- कैलोरी और पानी: दोनों में लगभग बराबर ही होता है – लाल में 70 kcal, सफेद में 69 kcal प्रति 100 ग्राम। पानी भी 81-82 ग्राम।
- स्टार्च और शर्करा: सफेद में स्टार्च थोड़ा ज्यादा होता है (13.49g बनाम 13.35g), लेकिन शर्करा कम होता है।
- फाइबर: सफेद में ज्यादा होता है (2.4g बनाम 1.7g), जो कब्ज दूर करता है और पेट को साफ रखता है।
- प्रोटीन: लाल में ज्यादा होता है (1.89g बनाम 1.68g) – जो की मसल्स के लिए अच्छा माना जाता है।
- ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI): लाल का GI कम (56 बनाम 111), मतलब ब्लड शुगर धीरे बढ़ता है। डायबिटीज वालों के लिए लाल बेहतर होता है ।
- विटामिन्स: लाल में विटामिन K, नियासिन और कोलाइन ज्यादा मात्रा में होता है। और सफेद में विटामिन C, B6 और बीटा कैरोटीन थोड़ा ज्यादा।
- मिनरल्स: लाल में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और जिंक ज्यादा होता है, जिससे हड्डियां मजबूत, खून बढ़ाने में मदद मिलता है।
- एंटीऑक्सिडेंट्स: लाल छिलके में एंथोसायनिन और क्वेरसेटिन ज्यादा, जो सूजन कम करते हैं, कैंसर का खतरा घटाते हैं और आंखों की सेहत सुधारते हैं.
आइये नीचे दिए गए इमेज से समझते है।

ये टेबल देखकर आसानी से समझ आ जाता है कि ज्यादातर पोषक तत्वों में लाल आलू थोड़ा आगे है, खासकर GI और पोटैशियम में। अगर आप शुगर कंट्रोल करना चाहते हैं, तो लाल आलू बेहतर चॉइस हो सकता है!
तो कौन सा चुनें? सेहत का फैसला
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लाल आलू थोड़ा ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इसके एंटीऑक्सिडेंट्स हार्ट हेल्थ, आंखों और कैंसर से बचाव में मदद करते हैं। कम GI से शुगर कंट्रोल करना थोड़ा आसान है, और सोडियम-पोटैशियम बैलेंस से BP कंट्रोल होता है। अगर आप डायबिटीज, वजन घटाने या हाइपरटेंशन से जूझ रहे हो, तो लाल आलू को प्राथमिकता दो। लेकिन सफेद आलू भी कम नहीं – फाइबर और विटामिन्स में ये आगे। दोनों को छिलके सहित खाओ, ताकि फायदे दोगुने हों। याद रखो, ज्यादा तलकर मत खाओ इसे उबालकर या भूनकर ही खाना चाहिए।
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