Bijnor dog Hanuman ji parikrama: एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है हो रहा है, जिसमें एक आवारा कुत्ता हनुमान मंदिर के स्थित हनुमान जी की के मूर्ति की परिक्रमा कर रहा है, अब लोग इसे चम्तकार मान रहे है। और उसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे है की आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। आइये इस घटना के बारे में विस्तार से जानते है, आखिर कुत्ता मूर्ति के चारों तरफ परिक्रमा क्यों कर रहा है, क्या इसके पीछे कोई विज्ञान है।
घटना का पूरा विवरण
इस हैरान करने वाली घटना की शुरुआत हुई, 11 जनवरी की सुबह करीब 4 बजे से। नंदपुर गांव के करीब इस 200 साल पुराने सिद्ध पीठ मंदिर में एक आवारा कुत्ता अचानक पहुंचा और हनुमान जी की मूर्ति के चारों ओर घूमना शुरू कर दिया। हमारी पड़ताल के मुताबिक, कुत्ते ने यह परिक्रमा 36 घंटे से लेकर 72 घंटे से ज्यादा समय तक किया। कुत्ता बिना रुके, बिना खाए-पिए इस काम में लगा रहा। वहां उपस्थित ग्रामीणों ने उसे रोटी, पानी देने की बहुत कोशिश किये, लेकिन उसने कुछ भी नहीं खाया पिया। जब वो थक जाता था तो वह मूर्ति के पास ही बैठ जाता, कुछ देर बाद फिर उठकर परिक्रमा शुरू करने लगता था।
ववहाँ पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया की जब कुत्ता परिक्रमा कर रहा था, तब उस समय एक कबूतर उसके पीठ पर जाकर बैठ गया, और कुछ देर बैठने के बाद उड़ गया. ग्रामीण का कहना है की उड़ने के कुछ देर बाद ही वह कबूतर मर गया।
अगले दिन वह कुत्ता हनुमान जी की परिक्रमा करना छोड़ कर, पास में ही स्थित दुर्गा माता की परिक्रमा करने लगा, वहां उसने करीब 4 घंटा परिक्रमा किया। और अब तीसरे तीन से वो पुरे मंदिर परिसर की ही परिक्रमा करने में लगा हुआ है।
इस हैरान करने वाले घटना का किसी ने वीडियो बना के सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके वजह से उस कुत्ते को परिकर्मा करते देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे है। कुत्ते को देखने के लिए भीड़ इतनी बढ़ गई की, स्थानीय पुलिस प्रसाशन को भीड़ कंट्रोल करने के लिए तैनात होना पड़ा। लोग कीर्तन-भजन कर रहे हैं, और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रहा है।
श्रद्धालुओं की राय: चमत्कार या हनुमान जी की कृपा?
स्थानीय ग्रामीण और श्रद्धालु इसे कलयुग का चमत्कार मान रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि कुत्ता भैरव बाबा का रूप होता है, क्योंकि हिंदू मान्यताओं में कुत्ता भैरव का वाहन माना जाता है। एक श्रद्धालु ने कहा, यह हनुमान जी की कृपा है, जो जानवरों में भी आस्था जगा रही है। सोशल मीडिया पर की यूजर्स इसे “आस्था का प्रतीक” बता रहे हैं। वही कुछ यूजर का कहना है की कुत्ता पागल हो गया है या उसके दिमाग के नस में कोई समस्या है, इसलिए वो ऐसा कर रहा है, ये कोई चमत्कार नहीं है।
हालाँकि यह पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले भी, तमिलनाडु के क्रुश्नागिरी मंदिर में कुत्तों की परिक्रमा देखी गई, और गोवा से लाए गए कुत्ते की कहानी भी मशहूर है। बिहार और अन्य जगहों पर भी ऐसी रहस्यमयी घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं।

BuzzExpose की पड़ताल: चमत्कार या बीमारी? (The Scientific Truth)
इस घटना को लेकर हमने काफी जाँच पड़ताल किये, जिसमें कई वेटरिनरी चिकत्स्क के इंटरव्यू देखे, कुछ आर्टिकल्स पढ़े। पशु चिकित्सकों के अनुसार, कुत्तों में लगातार घूमना (circling) अक्सर न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत होता है, जो मस्तिष्क के फोरब्रेन डिसफंक्शन से जुड़ा हुआ होता है।
हमने भावनाओं से हटकर जब विज्ञान और पशु विशेषज्ञों (Veterinary Experts) की राय ली, तो मामला कुछ और ही निकला। जिसे लोग ‘भक्ति’ समझ रहे हैं, वह असल में Neurological Disorder (दिमागी बीमारी) होने की सम्भावना ज्यादा हो सकता है।
पशु चिकत्स्कों के राय के आधार पर हम यहाँ 3 ऐसे वैज्ञानिक कारण बता रहे है, जो इस चमत्कार का पोल खोलते है।
1. Canine Cognitive Dysfunction (कुत्तों का डिमेंशिया) वेटरिनरी साइंस के अनुसार, जैसे इंसानों में ‘अल्जाइमर’ होता है, ठीक वैसे ही कुत्तों में ‘डिमेंशिया’ होता है। इस बीमारी में जानवर अक्सर रास्ता भूल जाते हैं या एक ही हरकत को बार-बार करते हैं (Repetitive Behavior), जैसे गोल-गोल घूमना।
2. Canine Distemper Virus (खतरनाक वायरस) यह एक जानलेवा वायरस है जो कुत्ते के दिमाग (Nervous System) पर सीधे हमला करता है। इसका एक प्रमुख लक्षण है— “Circling” (गोल घूमना)। इसमें कुत्ता चाहकर भी सीधा नहीं चल पाता और गोल घूमता रहता है। अगर यह सच है, तो कुत्ता भयानक दर्द में है और उसे तुरंत इलाज की जरुरत है।
3. रेबीज (Rabies) का खतरा कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह रेबीज की शुरुआती स्टेज भी हो सकती है। ऐसे में जानवर का व्यवहार बदल जाता है। और इस तरह के व्यवाहर करते है।
और अगर यह रेबीज है, तो वहां खड़ी भीड़ की जान को भी खतरा हो सकता है, भीड़ को कुत्ते से दूर रहना चाहिए।
हमारा निष्कर्ष (Verdict): मदद करें, तमाशा नहीं
यह कोई दैवीय चमत्कार नहीं, बल्कि “Medical Emergency” का केस लगता है। वह कुत्ता ‘भक्ति’ में नहीं, बल्कि ‘तकलीफ’ में है। उसे परिक्रमा करते देख ताली बजाने के बजाय, उसे किसी अच्छे Vet (जानवरों के डॉक्टर) की जरुरत है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों और वेटरिनरी विशेषज्ञों की सामान्य राय पर आधारित है।
