Tech Tips: भाई, आजकल का सीन ही ऐसा है। सुबह आँख खुली और सबसे पहले फोन हाथ में होता है, रील्स देखी, व्हाट्सएप चेक किया, फिर ऑफिस मेल, दोपहर में यूट्यूब, शाम को गेमिंग, रात को नेटफ्लिक्स… और फोन-लैपटॉप? बस चार्जिंग पर पड़ा रहता है। कई लोग तो हफ्तों-हफ्तों बिना बंद किए ही चलाते रहते हैं। लेकिन ये 24×7 चलाने की आदत हमारे 50-60 हजार के फोन और लाख रुपए के लैपटॉप को अंदर से खत्म कर रही है।
टेक एक्सपर्ट, सर्विस सेंटर वाले और फोन कंपनी तक एक ही बात बोलती है, भाई, रीस्टार्ट तो कर लिया करो.
रीस्टार्ट करने से आखिर होता क्या जादू है?
जब हम फोन या लैपटॉप कई-कई दिन बिना रीस्टार्ट किए चलाते हैं तो उसकी RAM में ढेर सारा कचरा जमा हो जाता है। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, क्रोम के सैकड़ों टैब्स, गूगल मैप्स, ट्रू कॉलर, सब बैकग्राउंड में चुपके-चुपके चलते रहते हैं। ये सारी टेम्परेरी फाइलें और प्रोसेस मिलकर डिवाइस पर भारी लोड डालते हैं। नतीजा ये होता है कि फोन धीरे-धीरे स्लो पड़ने लगता है, ऐप्स हैंग करने लगते हैं, कभी-कभी अपने आप क्रैश हो जाते हैं। बस एक रीस्टार्ट कर दो. सारा कचरा पल भर में साफ, RAM बिल्कुल खाली और फोन फिर से वैसा ही तेज चलने लगता है जैसा नया-नया खरीदा था।

बैटरी की उम्र कैसे बढ़ती है?
बैकग्राउंड में चलने वाले यही ऐप्स चुपके से बैटरी भी चूसते रहते हैं। सुबह 100% चार्ज किया और शाम तक 20-30% ही बचा रह जाता है, वो भी सिर्फ नॉर्मल यूज में। हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करने से सारे अनावश्यक ऐप्स बंद हो जाते हैं और बैटरी बैकअप 15-20% तक बढ़ जाता है। लाखों लोग यही बताते हैं कि रीस्टार्ट के बाद उनका फोन 1-2 घंटे एक्स्ट्रा चलने लगा।
फोन का गर्म होना कैसे रुकता है?
आजकल हर फोन में हीटिंग की शिकायत आम है। लगातार चलने से प्रोसेसर हमेशा 60-70 डिग्री पर रहता है, कभी-कभी हाथ जलाने लायक हो जाता है। ज्यादा गर्मी से बैटरी जल्दी खराब होती है और मदरबोर्ड पर भी जोर पड़ता है। रीस्टार्ट करने से प्रोसेसर को 30-40 सेकंड का पूरा आराम मिलता है, तापमान नीचे आता है और डिवाइस की उम्र अपने आप 1-2 साल बढ़ जाती है।
सिक्योरिटी और अपडेट का क्या कनेक्शन है?
आपने नोटिस किया होगा, फोन में सिक्योरिटी अपडेट आता है, इंस्टॉल होता है, लेकिन आखिर में लिखता है रीस्टार्ट करके पूरा करें। अगर आप रीस्टार्ट नहीं करते तो वो अपडेट आधा-अधूरा रह जाता है और हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। रीस्टार्ट करने से सारे सिक्योरिटी पैच पूरी तरह लागू हो जाते हैं, फोन 100% सुरक्षित रहता है।

छोटी-मोटी गड़बड़ियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं
- Wi-Fi नहीं कनेक्ट हो रहा
- ब्लूटूथ डिवाइस नहीं दिख रही
- स्पीकर में आवाज नहीं आ रहा है
- कैमरा फोकस नहीं कर रहा, ब्लर आ रहा है
- नोटिफिकेशन नहीं आ रहे
ऐसी 90% समस्याएं सिर्फ एक रीस्टार्ट से ठीक हो जाती हैं। इससे सर्विस सेंटर के 500-1000 रुपए और समय दोनों बच जाते हैं।
कितनी बार रीस्टार्ट करना सही है?
अगर आप रोज 8-10 घंटे फोन चलाते हो तो हफ्ते में एक बार रीस्टार्ट करना काफी है। गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या 15-16 घंटे हैवी यूज करने वाले हर 2-3 दिन में कर लें। लैपटॉप हर 3-4 दिन में जरूर रीस्टार्ट करें। सबसे बेस्ट टाइम, रात को सोने से पहले या सुबह चाय पीते-पीते।
आखिरी बात – 30 सेकंड का काम, 2 साल की जिंदगी
ये छोटी-सी 30 सेकंड की आदत आपके महंगे फोन-लैपटॉप की स्पीड नई रखेगी, बैटरी लंबी चलाएगी, गर्मी कम करेगी, सुरक्षा पक्की करेगी और सबसे बड़ी बात – 1-2 साल एक्स्ट्रा जिंदगी मिल जायेगा आपके डिवाइस को।
तो आज से प्रॉमिस करो , हफ्ते में एक बार तो रीस्टार्ट जरूर करेंगे।
अगली बार कोई बोले “रीस्टार्ट करके देखो” तो गर्व से बोलना, भाई, मैं तो रोज करता हूँ, मेरा फोन हमेशा जवान रहता है!
अगर 7 दिन से ज्यादा हो गए हैं तो अभी पावर बटन दबाओ और कमेंट में लिख दो, कर दिया भाई.
चलो मिलकर अपने डिवाइस की लाइफ बढ़ाते हैं!
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