Bihar Supaul two girls love story: ऐसे तो प्यार की बहुत से कहानियां है, लेकिन सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में जो हुआ वो कुछ अलग ही है। यहां दो युवतियां पूजा गुप्ता और काजल कुमारी ने समाज की परवाह किए बिना एक-दूसरे से शादी रचा ली। इंस्टाग्राम पर हुई मुलाकात से शुरू हुई ये दोस्ती प्यार में बदल गई, और अब ये दोनों ने शादी करके एक साथ रह रही है, ये घटना 24 दिसंबर को हुई है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रखा है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई ये प्यार की कहानी।
बिहार के गांव-कस्बों में आजकल सोशल मीडिया की पहुंच कितनी बढ़ गई है, इसका जीता-जागता उदाहरण है पूजा और काजल की ये प्रेम कहानी। पूजा गुप्ता, जो मधेपुरा जिले की रहने वाली हैं और उसकी उम्र 21 साल है, और काजल कुमारी जिसकी उम्र 18 साल है, दोनों की मुलाकात करीब दो साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। शुरुआत में तो बस हैलो-हाय वाली बातें ही करती थीं, लेकिन धीरे-धीरे ये दोस्ती गहरी होती चली गई। दोनों त्रिवेणीगंज के एक लोकल मॉल में साथ काम करती हैं, जहां रोजाना उनका मिलना-जुलना होता था।
पिछले दो महीनों से दोनों एक किराए के कमरे में साथ रह रही थीं। पूजा बताती हैं कि उन्हें लड़कों में कोई दिलचस्पी नहीं थी, और काजल भी यही सोचती थीं। दोनों ने महसूस किया कि वे एक-दूसरे के लिए ही बनी हैं। बिहार जैसे राज्य में जहां पारंपरिक रिश्तों की बात ज्यादा होती है, ऐसी कहानी सुनकर लोग एकदम से हैरान हो गए।

मंदिर में सादगी से रचाई शादी, गैस चूल्हे पर लिए फेरे।
24 दिसंबर 2025 को त्रिवेणीगंज के मेला ग्राउंड स्थित एक मंदिर में दोनों ने शादी की। ये शादी कोई ग्रैंड नहीं थी, बल्कि बिल्कुल सादे तरीके से संपन्न हुई। पारंपरिक अग्नि की जगह गैस चूल्हे के इर्द-गिर्द सात फेरे लिए दोनों ने। पूजा ने दूल्हे की भूमिका निभाई जबकि काजल दुल्हन बनीं। मंदिर के पुजारी और कुछ करीबी दोस्तों की मौजूदगी में ये रस्म पूरी की गई।
शादी का वीडियो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इसे शेयर भी कर रहे हैं, सुपौल-मधेपुरा इलाके में ये शादी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। दोनों ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हमें एक-दूसरे से प्यार है, और हम साथ रहना चाहते हैं। लड़कों की तरफ हमारा मन कभी नहीं लगा। ये बयान सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
बच्चों को लेकर क्या बोलीं दोनों?
शादी के बाद जब बच्चों के बारे में सवाल पूछा गया, तो पूजा और काजल ने साफ-साफ कहा कि उन्हें बच्चों की जरूरत नहीं है। हम दोनों एक-दूसरे के लिए काफी हैं, दोनों ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। देश में जहां परिवार और बच्चे जिंदगी का अहम हिस्सा माने जाते हैं, ये बात कई लोगों को चौंका रही है। लेकिन ये दोनों अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना चाहती हैं, और इसमें कोई बुराई भी नहीं।
परिवार और समाज का विरोध, लेकिन प्यार की हुई जीत
दोनों के परिवार वाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। पूजा के घरवाले मधेपुरा से हैं, और काजल के परिवार भी सहमत नहीं थे। लेकिन दोनों ने परिवार की परवाह न करते हुए अपना फैसला लिया। शादी के बाद मकान मालिक ने उनका किराए का कमरा खाली करा दिया, जिसके वजह से दोनों को मोहल्ला बदलना पड़ा। अब वे एक नई जगह पर रह रही हैं, लेकिन दोनों खुश हैं।
बिहार या देश में ऐसी घटनाएं कम ही सुनने को मिलती हैं, लेकिन ये दिखाता है कि युवा पीढ़ी अपनी आजादी को लेकर कितनी जागरूक हो रही है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे सपोर्ट कर रहे हैं, तो कुछ इनकी आलोचना भी कर रहे है।
भारत में समलैंगिक विवाह की कानूनी स्थिति
भारत में समलैंगिक रिश्तों को 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने वैध करार दिया था, लेकिन समलैंगिक विवाह को अभी भी कानूनी मान्यता नहीं मिली है। कई LGBTQ एक्टिविस्ट्स इस मुद्दे पर गंभीरता से आवाज उठा रहे हैं। बिहार में ये पहली ऐसी घटना नहीं है, लेकिन ये मामला व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्यार के अधिकार की याद दिलाता है। अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाए, तो ऐसे जोड़ों को ज्यादा सपोर्ट मिल सकता है।
अंत में यही कहना चाहेंगे की अब जमाना तेजी से बदल रहा है, और वैसे ही रिश्तों के मायने भी बदल रहे है, वैसे भी भी प्यार, जेंडर, जाति-धर्म कहाँ देखता है, प्यार तो बस एक अहसास जाता है।
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