Jhansi News: देश में आज भी बेटी की शादी मां-बाप तय करते हैं, लेकिन आजकल की लड़कियां भी अपनी मर्जी की मालकिन बनना चाहती हैं। ऐसा ही कुछ हैरान करने वाला वाकया बुधवार को झांसी के बबीना थाने में देखने को मिला। जहां पर एक पिता अपनी बेटी को घर ले जाना चाहता था, लेकिन बेटी ने पिता के साथ घर जाने से साफ इनकार कर दिया और अपने प्रेमी के साथ जाने की जिद पकड़ ली। बस फिर क्या था… गुस्से और दुख में पिता ने थाने के अंदर ही बवाल खड़ा कर दिए। आइये जानते है पूरा मामला क्या है?
क्या है पूरा माजरा?
ये घटना बबीना थाना क्षेत्र के मुरारी गांव की है। यहां की एक लड़की का पिछले कुछ समय से पास-पड़ोस के ही गोलू भार्गव नाम के लड़के से अफेयर चल रहा था। गोलू पीएसी में कॉन्स्टेबल है और अभी कानपुर में तैनाती हो रखी है उसकी। दोनों एक-दूसरे से बेइंतहा प्यार करते थे। लेकिन लड़की के घरवालों को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। उन्होंने लड़की की शादी कहीं और तय कर दिए, वो भी एक फॉरेस्ट गार्ड (वन दारोगा) से।
जब लड़की को पता चला की पिता ने कही और रिश्ता तय कर दिए है तो, उसे ये बात बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा। उसने घरवालों को कुछ नहीं बताया और सीधे भागकर अपने प्रेमी गोलू के पास पहुंच गई। दोनों ने आर्य समाज मंदिर में चुपचाप शादी कर ली और सात फेरे ले लिए।
इधर जब घरवालों को पता चला कि बेटी गायब है तो उन्होंने बबीना थाने में इसकी शिकायत कर दी कि “पीएसी के सिपाही गोलू भार्गव ने हमारी बेटी को भगा ले गया है।

थाने में खुला पूरा सच
मामले की जानकारी मिलते ही, पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। और उसने दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। जैसे ही लड़की थाने पहुंची, उसने साफ-साफ अपनी बात पुलिस को बता दिया –
सर मैं बालिग हूं, अपनी मर्जी से गोलू से शादी की है। आर्य समाज मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से फेरे ले लिए हैं। मैं अब सिर्फ अपने पति के साथ ही रहूंगी।
पुलिस ने लड़की का आधार कार्ड चेक किया, वो सच में 18 साल से ऊपर की थी। कानून के हिसाब से वो अपनी मर्जी से कहीं भी जा सकती है। पुलिस ने लड़की के पिता को समझाया,की देखो “बेटी बड़ी हो गई है, उसकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं कर सकते।” कानून के मुताबिक उसने कुछ भी गलत नहीं किया है।
बेटी की बात सुन पिता का दिल टूट गया, और रोने लगे।
लेकिन पिता कहां मानने वाले थे। वो बार-बार बेटी को समझाते रहे, “बेटी घर चल, वो वन दारोगा अच्छा लड़का है, तेरी जिंदगी सेट हो जाएगी। वो इससे लाख गुना अच्छा है, तुम्हें खुश रखेगा” उन्होंने वो सब कहा मानाने के लिए जो एक बाप अपनी बेटी को समझाने के लिए कह सकता है। लेकिन वो लड़की भी कहाँ मानने वाली थी।
लेकिन बेटी ने एक ही जवाब दिया, नहीं पापा, मैं गोलू के बिना नहीं रह सकती। मैं इसी के साथ रहूंगी।
जब बेटी नहीं मानी तो पिता का सब्र टूट गया। दुख और गुस्से में आकर उन्होंने थाने में ही रोने लगे। पुलिस भी पिता को रोटी देख, उन्हें किसी तरह से समझकर शांत कराई। और उन्हें घर भेजी।
आखिर में हुई बेटी की जीत
पुलिस का साफ कहना था की देखो, लड़की बालिग है, उसकी मर्जी है, हम उसे जबरदस्ती किसी के साथ नहीं भेज सकते।
अंत में लड़की अपने पति गोलू भार्गव के साथ खुशी-खुशी थाने से चली गई।
समाज में आज भी प्यार की शादी को अच्छी नजर से नहीं देखा जाता, लेकिन नई जनरेशन अब खुलकर अपनी बात रखने लगी है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्यार और कानून के आगे कभी-कभी मां-बाप को भी झुकना ही पड़ता है।
हालांकि पिता का दर्द देखकर वहां मौजूद लोग थोड़े भावुक हो गए। आखिर बेटी किसी की भी हो, पिता के लिए तो वो आज भी वो छोटी बच्ची ही रहती है।
आपको क्या लगता है, लड़की ने सही फैसला लिया? क्या पिता को भी बेटी की बात सुननी चाहिए।
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